श्री शिव चालीसा | Shiv Chalisa Lyrics PDF Hindi (2023)

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shiv chalisa pdf: इस लेख में माध्यम से आप shiv chalisa pdf in hindi में pdf को बड़े ही आसानी के साथ डाउनलोड कर सकते है , के युग में लग भाग सभी लोग भगवान को मानते है चाहे वो फिर किसी भी रूप में लेकिन सभी लोग ईश्वर से प्रेम जरूर करते है कहा जाता है की जो इंसान ईश्वर से प्रेम नहीं करता अर्थात जो इंसान भगवान को नहीं चाहता है वो हमेशा ज्ञान से अपरिचित होता है , और यदि जिस इंसान के पास ज्ञान नहीं होता है वो अपनी जीवन में कुछ हासिल नहीं कर पाता है। 

शिव चालीसा की मदद से आप कठिन से कठिन काम बड़े आसानी से कर सकते है शिव चालीसा 40 पंक्तियों में विधमान है। जिसमे भगवन शिव की गाथा का वर्णन किया गया है। जिस ने भी शिव चालीसा का पाठ किया उस पर हमेशा हमदेव की कृपा बनी रही है। 

प्राचीन कल के अनुसार भगवान शिव का चालीसा होने वाली कठिनाइयों यार फिर आने वाले कठिनायों को दूर करने के लिए किया जाता है , यदि आप में जब किसी भी प्रकार की बाधा आती है तो आप शिव चालीसा पढ़कर अपना कठिनाइयों और बाधाओं को दूर कर सकते है।

और पढ़े: हनुमान चालीसा अर्थ सहित 

shiv chalisa pdf
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|| श्री शिव चालीसा || Shiva Chalisa ||

॥ दोहा ॥

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान ।
कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥

॥ चौपाई ॥

जय गिरिजा पति दीन दयाला ।
सदा करत सन्तन प्रतिपाला ॥

भाल चन्द्रमा सोहत नीके ।
कानन कुण्डल नागफनी के॥

अंग गौर शिर गंग बहाये ।
मुण्डमाल तन क्षार लगाए ॥

वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे ।
छवि को देखि नाग मन मोहे ॥

मैना मातु की हवे दुलारी ।
बाम अंग सोहत छवि न्यारी ॥

कर त्रिशूल सोहत छवि भारी ।
करत सदा शत्रुन क्षयकारी ॥

नन्दि गणेश सोहै तहँ कैसे ।
सागर मध्य कमल हैं जैसे॥

कार्तिक श्याम और गणराऊ ।
या छवि को कहि जात न काऊ ॥

देवन जबहीं जाय पुकारा ।
तब ही दुख प्रभु आप निवारा ॥

किया उपद्रव तारक भारी ।
देवन सब मिलि तुमहिं जुहारी ॥

तुरत षडानन आप पठायउ ।
लवनिमेष महँ मारि गिरायउ ॥

आप जलंधर असुर संहारा।
सुयश तुम्हार विदित संसारा ॥

त्रिपुरासुर सन युद्ध मचाई ।
सबहिं कृपा कर लीन बचाई ॥

किया तपहिं भागीरथ भारी ।
पुरब प्रतिज्ञा तासु पुरारी ॥

दानिन महँ तुम सम कोउ नाहीं ।
सेवक स्तुति करत सदाहीं ॥

वेद माहि महिमा तुम गाई ।
अकथ अनादि भेद नहिं पाई ॥

प्रकटी उदधि मंथन में ज्वाला ।
जरत सुरासुर भए विहाला ॥

कीन्ही दया तहं करी सहाई ।
नीलकण्ठ तब नाम कहाई ॥

पूजन रामचन्द्र जब कीन्हा ।
जीत के लंक विभीषण दीन्हा ॥

सहस कमल में हो रहे धारी ।
कीन्ह परीक्षा तबहिं पुरारी ॥

एक कमल प्रभु राखेउ जोई ।
कमल नयन पूजन चहं सोई ॥

कठिन भक्ति देखी प्रभु शंकर ।
भए प्रसन्न दिए इच्छित वर ॥

जय जय जय अनन्त अविनाशी ।
करत कृपा सब के घटवासी ॥

दुष्ट सकल नित मोहि सतावै ।
भ्रमत रहौं मोहि चैन न आवै ॥

त्राहि त्राहि मैं नाथ पुकारो ।
येहि अवसर मोहि आन उबारो ॥

लै त्रिशूल शत्रुन को मारो ।
संकट ते मोहि आन उबारो ॥

मात-पिता भ्राता सब होई ।
संकट में पूछत नहिं कोई ॥

स्वामी एक है आस तुम्हारी ।
आय हरहु मम संकट भारी ॥

धन निर्धन को देत सदा हीं ।
जो कोई जांचे सो फल पाहीं ॥

अस्तुति केहि विधि करैं तुम्हारी ।
क्षमहु नाथ अब चूक हमारी ॥

शंकर हो संकट के नाशन ।
मंगल कारण विघ्न विनाशन ॥

योगी यति मुनि ध्यान लगावैं ।
शारद नारद शीश नवावैं ॥

नमो नमो जय नमः शिवाय ।
सुर ब्रह्मादिक पार न पाय ॥

जो यह पाठ करे मन लाई ।
ता पर होत है शम्भु सहाई ॥

ॠनियां जो कोई हो अधिकारी ।
पाठ करे सो पावन हारी ॥

पुत्र होन कर इच्छा जोई ।
निश्चय शिव प्रसाद तेहि होई ॥

पण्डित त्रयोदशी को लावे ।
ध्यान पूर्वक होम करावे ॥

त्रयोदशी व्रत करै हमेशा ।
ताके तन नहीं रहै कलेशा ॥

धूप दीप नैवेद्य चढ़ावे ।
शंकर सम्मुख पाठ सुनावे ॥

जन्म जन्म के पाप नसावे ।
अन्त धाम शिवपुर में पावे ॥

कहैं अयोध्यादास आस तुम्हारी ।
जानि सकल दुःख हरहु हमारी ॥

॥ दोहा ॥

नित्त नेम उठि प्रातः ही, पाठ करो चालीसा ।
तुम मेरी मनोकामना, पूर्ण करो जगदीश ॥

मगसिर छठि हेमन्त ॠतु, संवत चौसठ जान ।
स्तुति चालीसा शिवहि, पूर्ण कीन कल्याण ॥

 Shiva Chalisa In English

!! Jai Ganesha Girija suvan mangal mul sujaan,

Kehat ayodhyadas tum deu abhae vardan,

Jai girijapati deendeyala sada karat santan pratipala,

Bhaal chandrama sohat niike kaanan kundal naagphani ke !!

 

!! Ang gaur shir gang bahaye mundmaal tan shaar lagaye,

Vastra khaal baghambar sohe chhavi ko dekh naag mann mohe,

Maina matu ki have dulari baam ang sohat chhavi nyari,

Kar trishul sohat chhavi bhari karat sada shatrun shayakari !!

 

!! Nandii ganesha sohain tahu kaise sagar madhya kamal hai jaise,

Kartik sham aur ganrau ya chhavi kau kahi jaat na kau,

Devan jabhi jai pukara tabhi dukh prabhu aap nivara,

Kiya updrv tarak bhari devan sab mili tumhi juhari !!

 

!! Turat shadenan aap pathau lava nimesh maha mari girau,

Aap jalandhar asur sahara suyesh tumhaar vidit sansara,

Tripurasur san yudh machai sabhi kripa kar leen bachai,

Kiya taphi bhagirath bhari purab pratigea tasu purari !!

 

!! Danin mahe tum sam kou nahi sevak stuti karat sadahi,

Ved mahi mahima tab gaai akath anadi bhed nahi paai,

Prakat udadhi manthan mein jvala jare surasur bhae vihala,

Kinhe daya tahe kari sahai nilakanth tab naam kahai !!

 

!! Pujan ramchandra jab kinha jeet ke lank vibhishan dinha,

Sahas kamal men ho rahe dhari kinhe pariksha tabhi purari,

Ek kamal prabhu rakheu joyi kamal neyan pujan chahe soi,

Kathin bhakti dekhi prabhu shankar bhae prasan die ichchita var !!

 

!! Jai jai jai anant avinashi karat kripa saba ke ghat vasi,

Dusht sakal nit mohi satave bhramat rahe mohi chain ni aave,

Trahi trahi main nath pukaro yeh avasar mohi aan ubaro,

Le trishul shatrun ko maro sankat se mohi aan ubaro !!

 

!! Mata pita bhrata sab koi sankat mein puchat nahi koi,

Swami ek hai aas tumhari aaye harhu abb sankat bhari,

Dhan nirdhan ko det sadahi jo koi janche so phal pahi,

Astuti kehi vidhi karo tumhari shamahu nath abb chuk hamari !!

 

!! Shankar ho sankat ke nashan mangal karan vigihn vinashan,

Yogi yati muni dhyan lagave sharad narad shish nivave,

 Namo namo jai namo shivaye sur brahmadik paar na paye,

Jo yeh path kre mann lai ta par hot hain shambhu sahai !!

 

!! Raniyan jo koi ho adhikari path kare so pavan hari,

Putra heen ki ichcha koi nishchae shiv parsad tehi hoi,

Pandit trayodashi ko lave dhyan purvak hom karave,

Trayodashi vrat kare hamesha tann nahi take rahe kalesha !!

 

!! Dhup deep naivede chadhave shankar samukh path sunave

Janam janam ke paap nasave antvaas shivapur mein pave

Kahe ayodhya aas tumhari jani sakal dukh harhu hamari !!

 

IIDohaaII

!! Nitt neim pratahi path karo chalisa,

Tum meri manokamana purn karo jagdisha,

 maggsar chathi hement rithu svat chosath jaan,

astut chalisa shive, puran keen kaleyan !!

Shiv Chalisa Pdf In Hindi

यदि आप एक मोबाइल फ़ोन यूज़ करते है तो अपने मोबाइल फ़ोन में shiv chalisa pdf को डाउनलोड करके रख सकते है  यदि आप भी महादेव शिव से प्रेम करते है तो इस लेख में आप को shiv chalisa के बारे में कुछ बताने वाला हूँ , यदि आप नियमित रूप से भगवान शिव की प्रार्थना करते है तो उस का फल जरूर मिलता है 

ये तो यही लोग जानते है की मेहनत का फल मिलता है लेकिन जो भगवान की आराधना करते है तो आप के द्वारा किये गए पापो में भी कमी होती है शिव चालीसा पढने वाले भक्तो पर भगवान शिव बहुत ही जल प्र्शन्न हो जाते है। 

यदि आप भी भोले बाबा से प्रेम करते है तो आप के सभी संकट दूर हो सकते है। यदि आप भी shiv chalisa पढ़ने और भगवान शिव को प्रसन्न करना कहते है , उसके लिए आप को shiv chalisa पढ़ाना होगा।  यदि आप shiv chalisa pdf को डाउनलोड करना चाहते है हम आप एक ऐसे तरीका बताने वाले है जिससे आप तुरंत ही shiv chalisa pdf download कर सकते है 

यदि आप शिव चालीसा करते है तो बहुत ही जल्द भगवान शिव को प्रसन्न कर सकते है और अपना मन चाहा वरदान में मांग सकते है। 

क्योकि भगवान शिव बहुत भोले है जिससे भगवान शिव को भोले नाथ के नाम से भी जानते है।  जिस भी व्यक्ति पर  भगवान शिव की कृपा हो जाती है तो समझ जाना उसकी नय्या पार है। 

भगवान शिव के नाम के अनुसार स्वरूप भी अनेक है। क्या आप भगवन शिव के रूपों के नामो के बारे में जानते है यदि नहीं तो आइये जानते है 

  • भगवान शिव
  • भोले नाथ 
  • कैलाशपति 
  • महादेव 
  • त्रिनेत्र धरी 
  • जटाशंकर 
  • पशुपति 

और भी काफी नाम है भगवान शिव के जिनके रूप में महादेव जाने जाते है ।

यदि आप शिव चालीसा पढ़ने के बारे में सोच रहे है तो हम आप को एक तरीके के बारे में बताने वाे है जिस के माध्यम से बड़े आसानी से शिव चालीसा अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकते है 

लेकिन ध्यान रखे जब भी भगवान शिव के चालीसा का पाठ करे उस समय अपना ध्यान शिव के चरणों में होना चाहिए और सुबह स्नान ध्यान करके साफ वस्त्र पहनकर शिव चालीसा का पाठ करे। यदि आप सही नियम से शिव के पाठ नहीं करते है तो सही नहीं माना जाता है इसलिए जब भी पाठ करे शुद्ध आत्मा और ध्यान के साथ करे। 

अब बात आती है की shiv chalisa pdf को डाउनलोड करने की , शिव चालीसा डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करके बड़े आसानी के साथ shiv chalisa pdf download कर सकते है 

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